क्या गर्भधारण लिंग के साथ भिन्न होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

क्या स्खलन से पूर्व निकलने वाले तरल से भी महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं?
स्खलन से पहले भी उत्तेजित लिंग में गीलापन रहता है और तरल पदार्थ निकलता है उसे ही प्री-कम कहा जाता है। हम समझ सकते हैं कि आपके दिमाग में क्या सवाल चल रहा है। क्या इससे भी महिलाएं गर्भवती हो सकती है?

प्री- कम क्या है?
उत्तेजना के दौरान लिंग में जो गीलापन रहता है उसे प्री-कम कहते हैं। इसे पूर्व-स्खलन भी कहा जाता है क्योंकि यह स्खलन से पहले होता है-यह एक अलग तरह का गीलापन होता है जो चरम उत्तेजना के दौरान होता है।

स्खलन से पूर्व निकलने वाला यह द्रव्य (प्री-कम) सफेद एवं क्षारीय तरल पदार्थ है जो एंजाइम और म्यूकस से बना होता है। यह यौन उत्तेजना के दौरान लिंग से निकलता है। यह मूत्रमार्ग के उसी रास्ते से निकलता है जिस रास्ते से स्खलन के दौरान वीर्य निकलता है।

यह तरल पदार्थ कूपर ग्रंथियों में बनता है। कूपर ग्रंथियां मटर के आकार की ग्रंथियां है जो लिंग के आधार के आंतरिक भाग में स्थित होती है जिनमें नलिकाएं होती हैं और ये नलिकाएं मूत्राशय में खाली हो जाती हैं। प्रत्येक व्यक्ति में इस तरल (प्री-कम) की मात्रा भिन्न होती है।
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किसी व्यक्ति में प्री-कम की मात्रा ज़्यादा तो किसी में कम हो सकती है। इससे आपके कपड़े भी गीले हो सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से सामान्य है और कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से पूर्व -स्खलन की मात्रा को नियंत्रित नहीं कर सकता है और ना ही इसके समय को नियंत्रित किया जा सकता है। सब कुछ अपने आप होता है।
प्री-कम का उपयोग क्या है?

सामान्य सी बात है, प्री-कम वास्तव में इस बात का संकेत है कि आप या आपका पार्टनर कितना उत्तेजित है। यह यौन उत्तेजना को दर्शाने का एक प्राकृतिक तरीका है, इसे लेकर शरमाने की कोई ज़रूरत नहीं है।

याद रखें कि जिस रास्ते से यह तरल बाहर आता है, उसी रास्ते से मूत्र भी बाहर निकलता है जिसे मूत्रमार्ग कहते हैं। मूत्र अम्लीय होता है और प्री-कम क्षारीय होने के कारण यह मूत्र की अम्लता को बेअसर कर देता है ताकि जब स्खलन हो तो लिंग से बाहर निकलने से पहले ही शुक्राणु मूत्रमार्ग में अम्लता के कारण नष्ट ना हो पाएं।

शरीर यह नहीं जानता कि इसे सेक्स में कब आनंद आता है और कब गर्भधारण करना है। इसलिए यह हमेशा आगे की स्थिति को ध्यान में रखकर शुक्राणु को स्वस्थ रखने की कोशिश करता है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर योनि के अंदर शुक्राणु को तैरने के लिए एक सहायक वातावरण बनाने और गर्भधारण के लिए अंडे से मिलने के लिए प्री- कम योनि की अम्लता को भी बेअसर कर देता है।
क्या प्री-कम से भी प्रेगनेंसी हो सकती है?

वास्तव में प्रेगनेंसी शुक्राणु से होती है। प्री-कम में भले ही कोई शुक्राणु नहीं होता लेकिन फिर भी इससे प्रेगनेंसी हो सकती है। आइये जानते हैं कैसे। पिछले स्खलन से बचे हुए कुछ शुक्राणु मूत्रमार्ग में रह जाते हैं। जब प्री-कम तरल पदार्थ मूत्रमार्ग से होते हुए लिंग से बाहर निकलता है तो यह उस बचे हुए शुक्राणु को रास्ते से उठा सकता है और उसे लिंग से बाहर निकालता है। अगर संभोग के दौरान कंडोम का उपयोग ना किया जाए तो इस तरल (प्री-कम) के साथ शुक्राणु भी बहकर योनि के अंदर चले जाते हैं जिससे महिला गर्भवती हो सकती है।

प्री-कम से गर्भावस्था होने के और भी कई तरीके हैं। पार्टनर की उंगली पर कुछ प्री-कम लगा हो सकता है और जब वह योनि में उंगली डालता है तो उसमें चिपके स्पर्म सीधे योनि में अंदर प्रवेश कर जाते हैं जिसके कारण गर्भधारण की संभावना हो सकती है।

इसके अलावा कुछ अन्य तरीके से भी प्री-कम के कारण गर्भधारण की थोड़ी संभावना होती है। उत्तेजित लिंग को योनि के द्वार पर लगाने से भी प्रेगनेंसी की संभावना होती है। लेकिन इस तरीके से प्रेगनेंसी की संभावना इसलिए कम होती है क्योंकि शुक्राणु शरीर के बाहर अधिक देर तक जिंदा नहीं रहते हैं। लेकिन फिर भी थोड़ी संभावना होती है, और जब कोई गर्भवती नहीं होना चाहता है तो इसी गुंजाइश भी क्यों छोड़ें?

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